Bihar: बेतिया के उज्जैन टोला में प्रशासन ने सरकारी जमीन को खाली कराने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के आदेश पर चलाए गए इस अभियान में कुल 27 अवैध झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का यह अतिक्रमण हटाओ अभिया
Bihar: बेतिया के उज्जैन टोला में प्रशासन ने सरकारी जमीन को खाली कराने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के आदेश पर चलाए गए इस अभियान में कुल 27 अवैध झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का यह अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है ताकि सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जा सके।
उज्जैन टोला में क्या कार्रवाई हुई
प्रशासन ने उज्जैन टोला इलाके में सरकारी जमीन पर बनी अवैध बस्तियों को निशाना बनाया। इस दौरान बुलडोजर की मदद से 27 झोपड़ियों को गिराया गया। यह पूरी कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के नियम और कानून क्या हैं
बिहार में सरकारी जमीनों से कब्जा हटाने के लिए ‘बिहार पब्लिक लैंड अतिक्रमण अधिनियम, 1956’ का पालन किया जाता है। इसके तहत कलेक्टर को नोटिस जारी करने और जांच करने का अधिकार होता है। यदि कोई व्यक्ति आदेश के बाद भी जमीन खाली नहीं करता, तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाती है।
- अतिक्रमण करने वालों पर IPC की धारा 447 के तहत जुर्माना या जेल हो सकती है।
- 2012 के संशोधन के बाद, आदेश न मानने पर एक साल तक की जेल या 20,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
बेतिया राज की संपत्तियों पर भी है नजर
बेतिया में केवल उज्जैन टोला ही नहीं, बल्कि बेतिया राज की संपत्तियों को लेकर भी सरकार सख्त है। ‘बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाली नियमावली, 2026’ के तहत पुरानी जमीनों का हिसाब किया जा रहा है। 1 जनवरी 1986 के बाद कब्जा करने वालों को अतिक्रमणकारी माना जाएगा और उन्हें हटाया जाएगा।