UP: लखनऊ की बाबासाहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) में शोध कार्य की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक खास जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक और अनुसंधान नैतिकता संबंधी दि
UP: लखनऊ की बाबासाहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) में शोध कार्य की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक खास जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक और अनुसंधान नैतिकता संबंधी दिशा-निर्देशों के बारे में बताना था। कुलपति प्रोफेसर राज कुमार मित्तल ने इस पूरी प्रक्रिया की अध्यक्षता की और रिसर्च में पारदर्शिता लाने की बात कही।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्या था?
यूनिवर्सिटी में 27 मई 2026 को दोपहर 3 बजे इस इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन हुआ था। इसका मकसद एकेडमिक इंटीग्रिटी को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करना था कि रिसर्च का काम पूरी तरह नैतिक तरीके से हो। कुलपति प्रोफेसर राज कुमार मित्तल ने साफ कहा कि शोध कार्य को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और नैतिक बनाना अब सभी की जिम्मेदारी है। इससे संस्थान की साख और सम्मान भी सुरक्षित रहेगा।
किन्हें शामिल होने के निर्देश दिए गए?
इस कार्यशाला के लिए 26 मई 2026 को ही नोटिस जारी कर दिया गया था। इसमें BBAU के सभी फैकल्टी मेंबर्स को हिस्सा लेने के लिए कहा गया। साथ ही यूनिवर्सिटी के सभी डीन, विभागाध्यक्षों और कोऑर्डिनेटर्स को जिम्मेदारी दी गई कि वे अपने विभाग के शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करें। सेक्शनल हेड को भी इस प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए गए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BBAU में यह कार्यशाला कब आयोजित की गई थी?
यह जागरूकता कार्यशाला 27 मई 2026 को दोपहर 3:00 बजे आयोजित की गई थी, जिसका नोटिस एक दिन पहले 26 मई को जारी हुआ था।
कुलपति ने रिसर्च के बारे में क्या कहा?
कुलपति प्रोफेसर राज कुमार मित्तल ने कहा कि शोध कार्य को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और नैतिक बनाना यूनिवर्सिटी के हर सदस्य की जिम्मेदारी है।