Barabanki में लखनऊ-महमूदाबाद फोरलेन का काम तेज, कुर्सी से टिकैतगंज तक शुरू हुई पेड़ों की कटाई

Barabanki: लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग को चौड़ा करने के काम में अब तेजी आ गई है। शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को कुर्सी से टिकैतगंज तक सड़क किनारे लगे वन विभाग के पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई। इस फोरलेन सड़क के बनने से बाराबंकी, सीत

Barabanki: लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग को चौड़ा करने के काम में अब तेजी आ गई है। शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को कुर्सी से टिकैतगंज तक सड़क किनारे लगे वन विभाग के पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई। इस फोरलेन सड़क के बनने से बाराबंकी, सीतापुर और लखनऊ के लोगों को आने-जाने में काफी आसानी होगी।

इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ना और निवेशकों के लिए सुविधाएं बढ़ाना है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सर्वे के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 1500 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई थी। कार्यकारी अभियंता राजीव कुमार राव ने जिलाधिकारी के जरिए शासन को इसके लिए प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद अब कटाई का काम शुरू हुआ है।

पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार की नई ड्राफ्ट ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026 का पालन किया जा रहा है। इस नियम के तहत अगर एक पेड़ काटा जाता है, तो उसके बदले कुल 20 पौधे लगाने होंगे। इनमें से 10 पौधे कटे हुए पेड़ की भरपाई के लिए और 10 पौधे ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों की देखभाल के लिए लगाए जाएंगे। एजेंसियों को यह भी साबित करना होगा कि डिजाइन बदलकर पेड़ों को बचाना संभव नहीं था।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी इस पूरी परियोजना और मुआवजे की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना अंतिम मंजूरी के पेड़ न काटे जाएं और नियमों का पूरी तरह पालन हो।