Banka में सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में युवक की मौत, अंधविश्वास ने ली जान
Banka: बिहार के बांका जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां रजौन थाना क्षेत्र के महादा गांव में एक युवक की सांप के काटने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिसके कारण इलाज
Banka: बिहार के बांका जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां रजौन थाना क्षेत्र के महादा गांव में एक युवक की सांप के काटने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिसके कारण इलाज में देरी हुई और सत्यम कुमार नाम के युवक ने अपनी जान गंवा दी।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग डॉक्टरी इलाज से ज्यादा अंधविश्वास पर भरोसा करते हैं। सत्यम कुमार को जहरीले सांप ने डसा था, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचाने के बजाय उसे तांत्रिक या ओझा के पास ले जाया गया। जब तक उसकी हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बिहार के अन्य जिलों में भी ऐसी ही घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में 14 साल की छात्रा आरुषि कुमारी की मौत भी झाड़-फूंक के कारण हुई थी। वहीं, बांका के शंभुगंज इलाके में आदित्य कुमारी नाम की बच्ची की सांप के काटने से मौत हो गई, जिसे अस्पताल ले जाया गया था लेकिन वह वहां पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुकी थी।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करना जानलेवा होता है। सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन उपलब्ध रहते हैं। अगर मरीज को काटने के दो से चार घंटे के भीतर सही डॉक्टरी इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। विशेषज्ञों ने अपील की है कि ऐसी स्थिति में बिना समय गंवाए सीधे नजदीकी अस्पताल पहुंचें।