UP: लखनऊ के बीकेटी इलाके में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी अरूप बख्शी ने फर्जी कागजात के जरिए भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड बनवा लिया था। वह लंबे समय से यहां रह रहा था और अपना एक क्लीनिक भी चल
UP: लखनऊ के बीकेटी इलाके में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी अरूप बख्शी ने फर्जी कागजात के जरिए भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड बनवा लिया था। वह लंबे समय से यहां रह रहा था और अपना एक क्लीनिक भी चला रहा था। पुलिस ने उसे किसान पथ स्थित विपश्यना ध्यान केंद्र फ्लाईओवर के पास से पकड़ा है।
अरूप बख्शी ने कैसे की धोखाधड़ी और कब आया भारत
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि अरूप बख्शी साल 2012 में अवैध तरीके से बांग्लादेश से भारत आया था। उसने 2016 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया। इतना ही नहीं, उसने फरवरी 2019 में मामपुर बाना गांव में 800 वर्ग फीट जमीन भी खरीदी थी। वह बांग्लादेश के नरैल जिले का रहने वाला है और यहां ‘बंगाली चांदसी क्लीनिक’ चला रहा था।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया और कौन सी धाराएं लगीं
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक ओप्पो मोबाइल, 300 रुपये नकद और आधार कार्ड बरामद किया। आरोपी के पास से फर्जी वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक और निवास प्रमाण पत्र जैसे कई दस्तावेज मिले हैं। बीकेटी एसीपी विकास पांडेय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और विदेशी विषयक अधिनियम 1946 की धारा 14(ग) समेत आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अब आगे क्या होगी जांच और किन पर है शक
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि अरूप बख्शी को फर्जी दस्तावेज बनवाने में किसने मदद की। वह पहले सीतापुर के महोली थाना क्षेत्र के उतरौली गांव में भी रह चुका है, इसलिए पुलिस वहां जाकर भी पूछताछ करेगी। सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले में सतर्क हैं और आरोपी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है ताकि अन्य संदिग्धों को पकड़ा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गिरफ्तार आरोपी अरूप बख्शी भारत कब आया था और उसने क्या-क्या फर्जी दस्तावेज बनवाए थे
अरूप बख्शी 2012 में अवैध रूप से बांग्लादेश से भारत आया था। उसने फर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक और निवास प्रमाण पत्र बनवा रखे थे।
आरोपी लखनऊ में क्या काम करता था और उसने कहां जमीन खरीदी थी
आरोपी लखनऊ में ‘बंगाली चांदसी क्लीनिक’ चला रहा था। उसने फरवरी 2019 में मामपुर बाना गांव में 800 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी।