UP: लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहा था और बिना किसी मेडिकल डिग्री के लोगों का इलाज कर रहा था। पुलिस ने इसे किसान प
UP: लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहा था और बिना किसी मेडिकल डिग्री के लोगों का इलाज कर रहा था। पुलिस ने इसे किसान पथ स्थित विपश्यना ध्यान केंद्र फ्लाईओवर के नीचे से पकड़ा है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी और कैसे रचता था जाल
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान अरूप बख्शी के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के नरैल जिले का रहने वाला है। वह 2012 में अवैध तरीके से भारत आया था। खुद को हिंदू दिखाने के लिए वह माथे पर टीका लगाता था और हाथ में कलावा बांधता था। उसने बीकेटी क्षेत्र के बरगदी में ‘बंगाली चांदसी क्लीनिक’ खोल रखा था, जहां वह स्थानीय लोगों को दवाइयां देता था।
फर्जी दस्तावेजों और संपत्ति का पूरा खेल
आरोपी ने भारत में अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिए थे। हद तो तब हो गई जब उसने 2016 में फर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया। वह पहले सीतापुर के उदरौली गांव में रहा और बाद में बीकेटी की मां दुर्गापुरम कॉलोनी में किराए पर रहने लगा। साल 2019 में उसने मामपुर बाना गांव में करीब 800 वर्ग फीट जमीन भी खरीदी थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
बीकेटी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और विदेशी विषयक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और फर्जी पहचान पत्र बरामद किया है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी दस्तावेज बनाने में उसकी मदद किसने की। लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान चलाने और आधार कार्ड की जांच करने की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक लखनऊ में क्या काम कर रहा था
आरोपी अरूप बख्शी बिना किसी डिग्री के बख्शी का तालाब इलाके में ‘बंगाली चांदसी क्लीनिक’ चला रहा था और स्थानीय लोगों का इलाज कर रहा था।
आरोपी ने कौन-कौन से फर्जी दस्तावेज बनवाए थे
उसने फर्जी तरीके से भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और साल 2016 में भारतीय पासपोर्ट भी बनवाया था।