Maharashtra: मुंबई के दादर इलाके से पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस कपल को पिछले साल जुलाई में अवैध रूप से रहने के कारण भारत से बाहर भेजा गया था। अब वे फिर से चोरी-छिप
Maharashtra: मुंबई के दादर इलाके से पुलिस ने एक बांग्लादेशी दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस कपल को पिछले साल जुलाई में अवैध रूप से रहने के कारण भारत से बाहर भेजा गया था। अब वे फिर से चोरी-छिपे भारत में घुस आए और मुंबई में रहने लगे थे।
गिरफ्तार कपल कौन है और कैसे घुसे भारत में
पकड़े गए लोगों की पहचान 43 साल के Liton Mulla और 37 साल की Papi Begum के रूप में हुई है। ये दोनों बांग्लादेश के Narail जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि करीब पांच महीने पहले जनवरी 2026 के आसपास वे जंगल के अवैध रास्तों का इस्तेमाल कर भारत में घुसे। इसके बाद वे मुंबई पहुंचे और नवी मुंबई के Koparkhairane इलाके में रहने लगे। उन्हें 8 जून को Bhoiwada पुलिस की Anti-Terror Cell (ATC) ने खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा।
पुलिस को क्या सबूत मिले और क्या है कानून
पुलिस ने उनके मोबाइल फोन से बांग्लादेशी आईडी कार्ड बरामद किए हैं और कॉल रिकॉर्ड्स में बांग्लादेशी नंबरों पर बात करने के सबूत मिले हैं। उनके पास भारत में रहने के लिए कोई पासपोर्ट या वीजा नहीं था। नए नियमों के मुताबिक, डिपोर्ट होने के बाद फिर से अवैध तरीके से घुसने वालों को 10 साल तक की जेल हो सकती है और उन्हें जीवनभर के लिए भारत आने से बैन किया जा सकता है।
मुंबई में बढ़ाई गई निगरानी और हालिया कार्रवाई
महाराष्ट्र पुलिस अब बिना कागजात वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान चला रही है। हाल ही में 6 जून को Andheri से सात अन्य बांग्लादेशियों को पकड़ा गया जो पिछले 15 साल से अवैध रूप से रह रहे थे। गृह मंत्रालय की नई पॉलिसी के तहत अब एक ‘Foreigners Identification Portal (FIP)’ बनाया गया है, ताकि बायोमेट्रिक्स की मदद से ऐसे लोगों की दोबारा एंट्री रोकी जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पकड़े गए बांग्लादेशी कपल को पहले कब डिपोर्ट किया गया था
Liton Mulla और Papi Begum को 14 जुलाई 2025 को मुंबई पुलिस और विदेश पंजीकरण कार्यालय द्वारा अवैध रूप से रहने के कारण डिपोर्ट किया गया था।
अवैध रूप से दोबारा भारत घुसने पर क्या सजा हो सकती है
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 के तहत, डिपोर्ट होने के बाद अवैध तरीके से दोबारा घुसने वालों को 10 साल की जेल और भारत में लाइफटाइम बैन लगाया जा सकता है।