Bhagalpur में बांग्ला सावन शुरू, सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम से देवघर के लिए निकले कांवरिये
Bhagalpur: सुल्तानगंज के विश्व प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। बांग्ला सावन की शुरुआत होते ही नमामि गंगे घाट ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा है। बड़ी संख्
Bhagalpur: सुल्तानगंज के विश्व प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। बांग्ला सावन की शुरुआत होते ही नमामि गंगे घाट ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की पैदल यात्रा पर निकल चुके हैं।
इस बार यात्रा का उत्साह काफी ज्यादा है। पश्चिम बंगाल, नेपाल, असम, सिक्किम और ओडिशा जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में कांवरिये पहुंच रहे हैं। इनमें कुछ खास जत्थे भी हैं, जैसे हावड़ा और हुगली से आए श्रद्धालु 70 से 80 किलो तक के भारी कांवर लेकर चल रहे हैं। यात्रा में महिलाओं के साथ-साथ एक 75 साल के दिव्यांग श्रद्धालु भी दंडवत यात्रा कर रहे हैं। स्थानीय कारीगर बिहार, बंगाल, झारखंड और नेपाल के बांस से विशेष कांवर तैयार कर रहे हैं।
भक्तों की भारी भीड़ के बीच कुछ समस्याएं भी सामने आई हैं। श्रद्धालुओं ने शिकायत की है कि गंगा घाटों और कच्चे कांवरिया पथ पर रोशनी की कमी है, जिससे सुबह और रात में चलने में दिक्कत हो रही है। साथ ही, जंगल और दूरदराज के इलाकों में पीने के पानी, शौचालय और मेडिकल सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से घाटों पर बैरिकेडिंग तो हुई है, लेकिन गहरे पानी में डूबने से बचाने वाली सुरक्षा जाली अभी नहीं लगाई गई है और जर्मन हैंगर का काम भी शुरू नहीं हुआ है।
प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को लेकर पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र कुमार ने 16 जुलाई को स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 22 जुलाई तक सभी जरूरी काम पूरे कर लिए जाएं। जिला प्रशासन का कहना है कि घाटों की सफाई और रास्तों के समतलीकरण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। सुरक्षा के लिए मुख्य चौराहों और घाटों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
समय सारिणी की बात करें तो बांग्ला सावन 18 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है। श्रावणी मेले का औपचारिक उद्घाटन 29 या 30 जुलाई के आसपास होने की उम्मीद है। वहीं, हिंदी सावन 30 जुलाई से शुरू होगा और यह यात्रा 11 अगस्त 2026 तक चलेगी, जिस दिन श्रावण शिवरात्रि पर मुख्य जलाभिषेक होगा।