UP : बांदा जिला कारागार में बंद 25 साल के नीतीश पाल की लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। नीतीश पर पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म और अपहरण के आरोप थे। इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उसकी रिहाई में हुई देरी और ज
UP : बांदा जिला कारागार में बंद 25 साल के नीतीश पाल की लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। नीतीश पर पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म और अपहरण के आरोप थे। इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उसकी रिहाई में हुई देरी और जेल प्रशासन के दावों को लेकर हो रही है, जिसके बाद अब न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है।
नीतीश पाल की मौत और रिहाई में देरी का पूरा मामला क्या है?
नीतीश पाल बबेरू कोतवाली के मुरवल गांव का रहने वाला था। उसे 2023 में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और अपहरण के आरोप में जेल भेजा गया था। अक्टूबर 2023 में उसकी जमानत मंजूर हो गई थी और उसे 31 अक्टूबर को रिहा होना था, लेकिन कागजों में थाने का नाम गलत होने की वजह से उसकी रिहाई में देरी हुई। 1 जून 2026 को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे लखनऊ रेफर किया गया, जहां उसकी जान चली गई।
जेल प्रशासन और डॉक्टरों के बयानों में क्या विरोधाभास है?
जेल के डॉक्टर का कहना है कि नीतीश को मिर्गी जैसे तेज दौरे पड़े और वह बेहोश हो गया, लेकिन परिवार ने इस बात पर शक जताया है। वहीं, जिला अस्पताल के डॉक्टरों के बयानों में भी अंतर मिला है। डॉ. हृदेश पटेल ने इलाज करने से इनकार किया, जबकि ड्यूटी डॉक्टर आकाश ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर करने की बात कही। मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड के अनुसार, पुलिसकर्मी उसे ICU में छोड़कर चले गए थे।
न्यायिक जांच टीम ने जेल में क्या कार्रवाई की?
परिजनों की शिकायत के बाद जिला जज अल्पना ने तीन सदस्यीय न्यायिक टीम बनाई। इस टीम ने 2 जून 2026 को बांदा जेल का दौरा किया और करीब साढ़े तीन घंटे तक जांच की। टीम ने जेल अधीक्षक समेत 15 लोगों के बयान लिए और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। अब यह टीम अपनी रिपोर्ट जिला जज को सौंपेगी, जिससे साफ होगा कि मौत की असली वजह क्या थी और रिहाई में देरी क्यों हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नीतीश पाल की रिहाई में देरी क्यों हुई थी?
नीतीश पाल की जमानत अक्टूबर 2023 में मंजूर हो गई थी, लेकिन रिहाई के कागजों में थाने का नाम गलत दर्ज होने के कारण कागजी कार्यवाही पूरी नहीं हो पाई और उसकी रिहाई में देरी हुई।
नीतीश की मौत के बाद अब क्या कार्रवाई हो रही है?
जिला जज अल्पना के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय न्यायिक टीम गठित की गई है, जिसने जेल का दौरा कर 15 लोगों के बयान दर्ज किए हैं और रिपोर्ट तैयार कर रही है।