Bihar: बगहा में आम लोगों को कानूनी उलझनों से राहत दिलाने के लिए लोक अदालत की तैयारी शुरू हो गई है। अनुमंडल विधिक सेवा समिति ने इसके लिए एक खास बैठक की है। इस पहल का मकसद छोटे-मोटे कानूनी मामलों को आपसी समझौते से जल्दी सु
Bihar: बगहा में आम लोगों को कानूनी उलझनों से राहत दिलाने के लिए लोक अदालत की तैयारी शुरू हो गई है। अनुमंडल विधिक सेवा समिति ने इसके लिए एक खास बैठक की है। इस पहल का मकसद छोटे-मोटे कानूनी मामलों को आपसी समझौते से जल्दी सुलझाना है ताकि लोगों को कोर्ट के चक्कर न काटने पड़ें।
लोक अदालत की तैयारी में क्या हुआ तय
बैठक के दौरान बैंक और बिजली विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विभाग के सभी लंबित मामलों की एक लिस्ट तैयार करें। अधिकारियों से कहा गया है कि वे कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा मामलों का निपटारा आपसी सहमति से हो जाए। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को इस लोक अदालत के बारे में जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा ताकि आम जनता इसका फायदा उठा सके।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज
इस बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जताई गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और अनुपस्थित रहे अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि लोक अदालत का प्रचार-प्रसार सही तरीके से हो ताकि छोटे मामलों का त्वरित निपटारा हो सके।
क्या होती है लोक अदालत और इसके नियम
- यह Legal Services Authorities Act, 1987 के तहत बनाया गया एक विवाद निपटारा तंत्र है।
- लोक अदालत में लिए गए फैसले को सिविल कोर्ट की डिग्री माना जाता है।
- इसका फैसला अंतिम होता है और इसके खिलाफ किसी अन्य कोर्ट में अपील नहीं की जा सकती।
- अगर दोनों पक्ष सहमत नहीं होते, तो वे अपनी कानूनी लड़ाई उचित कोर्ट में जारी रख सकते हैं।