UP: अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ी सुविधा तैयार हो गई है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर फिरोजपुर गांव के पास 20.20 करोड़ रुपये की लागत से भव्य गेट कॉम्प्लेक्स और बाउंड्रीवॉल का निर्माण पूरा कर लिया गया ह
UP: अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बड़ी सुविधा तैयार हो गई है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर फिरोजपुर गांव के पास 20.20 करोड़ रुपये की लागत से भव्य गेट कॉम्प्लेक्स और बाउंड्रीवॉल का निर्माण पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर बनी यह परियोजना अब शहर में प्रवेश करने वालों के लिए एक शानदार स्वागत द्वार का काम करेगी।
प्रवेश द्वार की खासियतें और निर्माण लागत
इस प्रोजेक्ट पर कुल 20.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसे यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इन द्वारों को अयोध्या की पौराणिक और आध्यात्मिक विरासत के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसमें पत्थर की नक्काशी, पारंपरिक स्तंभ और आधुनिक लाइटिंग का इस्तेमाल हुआ है। साथ ही, सभी गेट्स पर उत्तर प्रदेश सरकार का राजकीय चिन्ह भी लगाया गया है।
सुविधाएं और निर्माण की समय सीमा
यह काम 1 नवंबर 2023 को शुरू हुआ था और इसे समय से पहले 28 फरवरी 2026 को पूरा कर लिया गया। गेट कॉम्प्लेक्स में सिर्फ सुंदरता का ही ध्यान नहीं रखा गया, बल्कि कई आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इसमें पार्किंग एरिया, सीवर लाइन, ड्रेनेज सिस्टम, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
भविष्य की योजना और स्थानीय प्रभाव
लखनऊ मार्ग पर बने इस ‘श्रीराम द्वार’ की तरह अयोध्या के अन्य मार्गों पर भी कुल छह भव्य प्रवेश द्वार बनाने की योजना है। इन सभी के नाम भगवान राम और उनके सहयोगियों के नाम पर रखे जाएंगे। इस विकास कार्य से न केवल पर्यटकों को आसानी होगी, बल्कि स्थानीय होटल कारोबार और परिवहन क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल परियोजना के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इसका उद्घाटन होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर भव्य गेट कहाँ बनाया गया है?
यह भव्य गेट कॉम्प्लेक्स और बाउंड्रीवॉल लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर फिरोजपुर गांव के पास बनाया गया है।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है और इसे किसने बनाया है?
इस परियोजना की कुल लागत 20.20 करोड़ रुपये है और इसका निर्माण यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया गया है।