Bihar: औरंगाबाद जिले के दाउदनगर इलाके में अवैध बालू खनन को लेकर पुलिस और खनन माफिया के बीच टकराव हो गया। सोन नदी के काली घाट इलाके में जब पुलिस टीम छापेमारी करने पहुंची, तो वहां मौजूद युवकों ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार क
Bihar: औरंगाबाद जिले के दाउदनगर इलाके में अवैध बालू खनन को लेकर पुलिस और खनन माफिया के बीच टकराव हो गया। सोन नदी के काली घाट इलाके में जब पुलिस टीम छापेमारी करने पहुंची, तो वहां मौजूद युवकों ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया और काम में बाधा डाली। इस हंगामे के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
काली घाट पर क्या हुआ और पुलिस के साथ कैसे हुआ दुर्व्यवहार
सोन नदी के काली घाट इलाके में पुलिस को अवैध खनन की खबर मिली थी। जब टीम वहां पहुंची, तो करीब 15-20 बाइक सवार युवक वहां जमा हो गए और पुलिस कर्मियों के साथ बदतमीजी शुरू कर दी। इस दौरान आरोपियों ने एक ट्रैक्टर से जबरन बालू गिरवा दिया ताकि पुलिस उसे जब्त न कर सके। मौके का फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक फरार हो गया। पुलिस ने मौके से 20 CFT बालू जब्त किया, जबकि ट्रैक्टर में कुल 100 CFT बालू लदा हुआ था।
FIR और प्रशासन की अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। घटना के बाद 10 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जिला प्रशासन और खनन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने में जुटे हैं। हाल ही के अभियानों में पुलिस और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने दाउदनगर समेत अन्य इलाकों में छापेमारी कर दो ट्रैक्टर और दो हाई-लोडर वाहन जब्त किए हैं।
बिहार में अवैध खनन के खिलाफ चल रहे अभियान की स्थिति
- माइनिंग इंस्पेक्टर Pratyush Kumar ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- दिसंबर 2025 में राज्यभर में 4,582 छापेमारी हुई, जिसमें 574 वाहन जब्त किए गए।
- कुल 248 FIR दर्ज की गई हैं और कई गिरफ्तारियां हुई हैं।
- बिहार के सभी जिलों में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह कैंपेन लगातार चल रहा है।
- औरंगाबाद जिला इस अभियान के दौरान सबसे अधिक छापेमारी वाले जिलों में शामिल रहा है।