UP : औरैया जिले में बार एसोसिएशनों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को अधिवक्ताओं ने एक बड़ी महापंचायत की, जिसमें प्रशासन के काम करने के तरीके पर नाराजगी जताई गई। अब सोमवार को वरिष्ठ वकीलों का
UP : औरैया जिले में बार एसोसिएशनों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को अधिवक्ताओं ने एक बड़ी महापंचायत की, जिसमें प्रशासन के काम करने के तरीके पर नाराजगी जताई गई। अब सोमवार को वरिष्ठ वकीलों का एक दल अधिकारियों से आखिरी बार बात करेगा, जिसके बाद आंदोलन की अगली दिशा तय होगी।
सोमवार की वार्ता और लखनऊ कूच की चेतावनी
महापंचायत में यह तय हुआ कि सोमवार, 8 जून 2026 को वकीलों का प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेगा। अगर इस बातचीत में उनकी मांगों का सही समाधान नहीं निकला, तो मंगलवार, 9 जून को सभी अधिवक्ता लखनऊ कूच करेंगे। वकीलों ने साफ कर दिया है कि वे राज्य स्तरीय आंदोलन शुरू करने के लिए तैयार हैं।
क्या हैं अधिवक्ताओं की मुख्य मांगें और असर
राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन पिछले 25 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहा है। उनकी 10 सूत्रीय मांगों में न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता, वकीलों के सम्मान की रक्षा और कार्यप्रणाली में सुधार शामिल है। इस आंदोलन की वजह से तहसीलों और राजस्व न्यायालयों में बैनामा और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।
प्रशासन का पक्ष और अन्य संगठनों का समर्थन
जिलाधिकारी DM बृजेश कुमार और SDM राकेश कुमार ने पहले भी वकीलों से मुलाकात की थी। प्रशासन का कहना है कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो रही है और कानूनी प्रावधानों के तहत काम किया जा रहा है। इस आंदोलन को जिला बार एसोसिएशन, अजीतमल, बिधूना और अन्य स्थानीय बार एसोसिएशनों के साथ-साथ शहर के व्यापारी संगठनों का भी समर्थन मिला है। कुछ व्यापारियों ने समर्थन में बाजार बंद रखने की बात भी कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
औरैया में वकीलों का आंदोलन क्यों हो रहा है?
वकील अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार को रोकना, न्यायिक पारदर्शिता और अधिवक्ताओं के सम्मान की रक्षा शामिल है।
इस आंदोलन का आम जनता पर क्या असर पड़ रहा है?
राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन का आंदोलन 25 दिनों से ज्यादा समय से चल रहा है, जिससे तहसीलों में बैनामा और अन्य न्यायिक व प्रशासनिक कार्य रुके हुए हैं।