Lucknow पहुंची अटेवा की जनजागरण यात्रा, पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण रोकने की मांग

UP/Lucknow: पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लाने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण को रोकने की मांग को लेकर अटेवा (ATEWA) की जनजागरण यात्रा रविवार को लखनऊ पहुंच गई। यह यात्रा शिक्षकों और कर्मचारियों को एकजुट कर सरकार तक अप

UP/Lucknow: पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लाने और सरकारी संस्थानों के निजीकरण को रोकने की मांग को लेकर अटेवा (ATEWA) की जनजागरण यात्रा रविवार को लखनऊ पहुंच गई। यह यात्रा शिक्षकों और कर्मचारियों को एकजुट कर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए निकाली जा रही है। इस दौरान टीईटी (TET) की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

यह यात्रा 22 जून 2026 को लखनऊ के टीलीबाग स्थित गंगा संचई भवन से शुरू हुई थी। अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने साफ किया है कि जब तक पुरानी पेंशन की बहाली, निजीकरण पर रोक और टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने जैसी तीनों मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

पेंशन के मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख अभी भी सख्त है। 27 जून 2026 को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हालांकि, केंद्र सरकार ने उन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया है जिन्हें अनुकंपा के आधार पर नियुक्त किया गया था और जिनके आवेदन 1 जनवरी 2004 से पहले जमा हुए थे।

राज्यों की बात करें तो आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने सितंबर 2004 से पहले की नियुक्तियों वाले करीब 11,000 कर्मचारियों को OPS का लाभ देने की मंजूरी दी है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी एक आदेश के तहत उन शिक्षकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है जिनके भर्ती विज्ञापन 1 अप्रैल 2005 से पहले निकले थे लेकिन नियुक्ति बाद में हुई।

निजीकरण के मुद्दे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 13 जून 2026 को स्पष्ट किया था कि भारतीय रेलवे का निजीकरण करने का कोई इरादा नहीं है। दूसरी ओर, टीईटी (TET) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनिवार्य बताया है। कोर्ट ने इन-सर्विस शिक्षकों के लिए टीईटी क्वालीफाई करने की समय सीमा को 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है और साफ कहा है कि अब इसके बाद कोई विस्तार नहीं मिलेगा।