Delhi: आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal ने दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस Swarana Kanta Sharma के सामने खुद पेश होकर दलीलें दीं। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि जस्टिस शर्मा इस केस की सुनवाई न करें और खुद को इस मामल
Delhi: आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal ने दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस Swarana Kanta Sharma के सामने खुद पेश होकर दलीलें दीं। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि जस्टिस शर्मा इस केस की सुनवाई न करें और खुद को इस मामले से अलग कर लें। यह मामला शराब नीति केस में सीबीआई की उस याचिका से जुड़ा है जिसमें केजरीवाल और अन्य आरोपियों की डिस्चार्ज ऑर्डर को चुनौती दी गई है।
Arvind Kejriwal ने जज के हटने की मांग क्यों की?
केजरीवाल ने अपनी अर्जी में बताया कि कानून के मुताबिक जज का हटना उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाना नहीं है, बल्कि यह याचिकाकर्ता के मन में होने वाले ‘तर्कसंगत संदेह’ (reasonable bias) पर आधारित होता है। उन्होंने अपनी मांग के पीछे कई कारण बताए हैं:
- जज का ABAP (अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद) के सेमिनार में शामिल होना।
- केस की कार्यवाही की रफ्तार का असामान्य होना।
- सीबीआई और ईडी के तर्कों का समर्थन महसूस होना।
- कोर्ट के आदेशों में इस्तेमाल की गई भाषा।
- जांच अधिकारी को मिलने वाली राहत।
CBI ने इस अर्जी पर क्या कहा?
CBI ने केजरीवाल की इस मांग का कड़ा विरोध किया है। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि यह अर्जी पूरी तरह से निराधार और परेशान करने वाली है। CBI का कहना है कि सिर्फ एक कानूनी सेमिनार में जाने से किसी जज की विचारधारा तय नहीं होती और इसे केस से हटने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
अब तक के मामले की मुख्य बातें क्या हैं?
| तारीख |
क्या हुआ |
| 27 फरवरी 2026 |
ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 23 लोगों को डिस्चार्ज किया। |
| 9 मार्च 2026 |
जस्टिस शर्मा ने सीबीआई की याचिका पर नोटिस जारी किया। |
| 7 अप्रैल 2026 |
CBI ने रिक्यूजल अर्जी का विरोध करते हुए हलफनामा दिया। |
| 13 अप्रैल 2026 |
केजरीवाल ने खुद दलीलें दीं, कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा। |