Delhi: भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। Ariana Afghan Airlines ने काबुल और नई दिल्ली के बीच अपनी डेली पैसेंजर और कार्गो फ्लाइट्स शुरू कर दी हैं। पहले यह सेवा हफ्ते में सीम
Delhi: भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। Ariana Afghan Airlines ने काबुल और नई दिल्ली के बीच अपनी डेली पैसेंजर और कार्गो फ्लाइट्स शुरू कर दी हैं। पहले यह सेवा हफ्ते में सीमित दिनों के लिए थी, लेकिन अब हर दिन विमान उड़ेंगे जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों का आना-जाना बढ़ेगा।
डेली फ्लाइट शुरू होने से क्या होगा फायदा
7 जून 2026 से शुरू हुई इस सेवा के बाद अब यात्रियों को फ्लाइट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले इस रूट पर हफ्ते में सिर्फ एक फ्लाइट चलती थी, जिसे बढ़ाकर चार और अब सात दिन कर दिया गया है। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि सामान भेजने और मंगाने (Cargo) की सुविधा भी बेहतर होगी। एयरलाइन ने कार्गो रेट्स में भी कटौती की है ताकि व्यापार को बढ़ावा मिले।
कैसे लिया गया यह फैसला और कौन हैं मुख्य लोग
यह फैसला नवंबर 2025 में अफगानिस्तान के इंडस्ट्री और कॉमर्स मिनिस्टर Alhaj Nooruddin Azizi के भारत दौरे के बाद लिया गया। भारत के कॉमर्स मिनिस्टर Piyush Goyal ने अफगान प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी Anand Prakash ने एयर फ्रेट कॉरिडोर को सक्रिय करने की पुष्टि की है। अब काबुल को दिल्ली और अमृतसर से जोड़ने वाले स्पेशल कार्गो कॉरिडोर भी काम करेंगे।
व्यापार और निवेश के लिए नई योजनाएं
दोनों देशों ने व्यापार, वाणिज्य और निवेश पर संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) को फिर से सक्रिय करने पर सहमति जताई है। साथ ही एक जॉइंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री बनाने की तैयारी है। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधारना और दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ाना है। इस रूट पर Kam Air भी अपनी सेवाएं दे रही है, जिससे कनेक्टिविटी और बेहतर हो गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
काबुल से दिल्ली फ्लाइट कब से डेली शुरू हुई है
Ariana Afghan Airlines ने 7 जून 2026 से काबुल और नई दिल्ली के बीच रोजाना पैसेंजर और कार्गो फ्लाइट्स का संचालन शुरू कर दिया है।
इस नई सेवा से व्यापार पर क्या असर पड़ेगा
कार्गो रेट्स कम होने और डेली फ्लाइट्स शुरू होने से सामान का आयात-निर्यात तेज होगा। साथ ही दिल्ली और अमृतसर के लिए एयर फ्रेट कॉरिडोर बनने से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।