Delhi में जलभराव से मिलेगी राहत, अरावली जैवविविधता उद्यान हर साल बचाएगा 30 लाख लीटर बारिश का पानी
Delhi: दिल्ली में मानसून की तैयारियों के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। एक नए अध्ययन के मुताबिक, अरावली जैवविविधता उद्यान (Aravalli Biodiversity Park) हर साल करीब 30 लाख लीटर बारिश के पानी को जमा करने में मदद करता है। इसस
Delhi: दिल्ली में मानसून की तैयारियों के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। एक नए अध्ययन के मुताबिक, अरावली जैवविविधता उद्यान (Aravalli Biodiversity Park) हर साल करीब 30 लाख लीटर बारिश के पानी को जमा करने में मदद करता है। इससे शहर में सड़कों पर पानी भरने और शहरी बाढ़ के खतरे को कम किया जा सकता है।
यह रिसर्च दिल्ली यूनिवर्सिटी से जुड़े सेंटर फॉर एन्वायरनमेंटल मैनेजमेंट ऑफ डिग्रेडेड इकोसिस्टम्स (CEMDE) और सत्यवती कॉलेज के शोधकर्ताओं ने की है। 692 एकड़ में फैले इस जंगल में करीब 2.02 लाख पेड़ हैं। ये पेड़ बारिश के पानी की रफ्तार को धीमा कर देते हैं, जिससे पानी पक्की सड़कों पर बहने के बजाय मिट्टी में रिस जाता है और जमीन के नीचे का जलस्तर बढ़ता है। यह पार्क एक महत्वपूर्ण भूजल रिचार्ज जोन में स्थित है, जो दिल्ली के वाटर टेबल को सुधारने में बड़ी भूमिका निभाता है।
पानी के साथ-साथ यह पार्क दिल्ली की हवा को साफ करने में भी मदद कर रहा है। अध्ययन के अनुसार, यहाँ के पेड़ हर साल लगभग 126.89 टन प्रदूषकों को हवा से हटाते हैं, जिसका पर्यावरणीय लाभ करीब 1.89 करोड़ रुपये का है। शोधकर्ताओं ने 2023 में पार्क के 500 एकड़ इलाके का सर्वे किया और i-Tree Eco मॉडल के जरिए इन फायदों का आकलन किया।
दूसरी तरफ, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार भी पर्यावरण सुधार के लिए कई कदम उठा रही हैं। जुलाई 2019 में दिल्ली कैबिनेट ने सभी सरकारी इमारतों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य कर दी थी। दिल्ली जल बोर्ड ने जून 2026 में एक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत 500 नई संरचनाएं बनाई जाएंगी और 1,000 पुरानी प्रणालियों को फिर से चालू किया जाएगा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2025 में ‘अरावली ग्रीन वॉल परियोजना’ की शुरुआत की थी। इसका मकसद अरावली पहाड़ियों में पेड़ लगाना, धूल भरी आंधियों को रोकना और थार रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकना है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अरावली में होने वाले अवैध खनन को देश की पारिस्थितिकी के लिए बड़ा खतरा बताया है और इसकी सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए हैं।