Mumbai, Delhi और Jharkhand समेत कई राज्यों में APK स्कैम का खुलासा, गैस बिल और चालान के नाम पर लूटे लाखों रुपये
Maharashtra: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़े APK स्कैम का पर्दाफाश किया है जिसमें दिल्ली और झारखंड के छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये जालसाज लोगों को फर्जी गैस बिल या ट्रैफिक चालान भेजते थे, जिसमें एक खतरनाक APK फाइल
Maharashtra: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़े APK स्कैम का पर्दाफाश किया है जिसमें दिल्ली और झारखंड के छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये जालसाज लोगों को फर्जी गैस बिल या ट्रैफिक चालान भेजते थे, जिसमें एक खतरनाक APK फाइल छिपी होती थी। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता, जालसाजों को उसके मोबाइल का एक्सेस और OTP मिल जाता था, जिससे वे बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
इस गिरोह का मुख्य आरोपी झारखंड का आरिफ अंसारी है, जबकि दिल्ली का साजिद अली, जो MCA का छात्र है, इन फर्जी APK फाइलों को तैयार करता था। साजिद ने ये काम यूट्यूब से सीखा था। मुंबई में इस गिरोह के खिलाफ 93 मामले दर्ज हैं, जबकि नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पोर्टल पर इनके नाम से जुड़े 3,000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। एक पीड़ित ने फर्जी महानगर गैस बिल पर क्लिक करने के बाद 2.5 लाख रुपये गंवा दिए।
यह स्कैम सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैला हुआ है। अहमदाबाद में भी साइबर क्राइम ब्रांच ने झारखंड के गिरिडीह-जामतारा इलाके के पूर्णानंद उर्फ मुकेश तिवारी समेत तीन लोगों को पकड़ा है। तिवारी 18 अलग-अलग बैंकों और बिजली सेवाओं के नाम पर फर्जी APK फाइलें बनाकर बेचता था और महीने के 40 से 50 लाख रुपये कमा रहा था। अहमदाबाद के एक व्यक्ति ने ‘Sabarmati Gas Bill Update.apk’ डाउनलोड किया और उसके 6.68 लाख रुपये चोरी हो गए।
देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही कार्रवाई हुई है। जामतारा पुलिस ने क्रेडिट कार्ड कैशबैक के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन लोगों को पकड़ा, जबकि उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुलिस ने एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर 7.5 लाख रुपये कैश और एक थार गाड़ी जब्त की है। दिल्ली पुलिस भी ‘Operation CyHawk 5.0’ चला रही है, जिसके तहत 21 राज्यों से 916 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और करीब 700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।