Maharashtra: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल परब और चार अन्य लोगों को दापोली रिसॉर्ट मामले में बड़ी राहत मिली है। रत्नागिरी जिले की एक विशेष अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने माना कि अभियोजन
Maharashtra: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल परब और चार अन्य लोगों को दापोली रिसॉर्ट मामले में बड़ी राहत मिली है। रत्नागिरी जिले की एक विशेष अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा।
दापोली रिसॉर्ट केस में क्या थे आरोप
यह पूरा मामला रत्नागिरी के दापोली तालुका के मुरुद में स्थित ‘Sai Resort NX’ से जुड़ा है। पूर्व BJP सांसद किरीट सोमैया ने 2021 में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि 2019 में रिसॉर्ट के निर्माण के दौरान प्रॉपर्टी टैक्स में गड़बड़ी की गई और निर्माण में Coastal Regulation Zone (CRZ-III) के नियमों का उल्लंघन हुआ। इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था।
कोर्ट ने बरी करने का क्या कारण बताया
खेड की विशेष अदालत के जज प्रसन्न एस. चंदगुडे ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने पाया कि FIR और चार्जशीट में लगाए गए आरोप अलग-अलग थे, जिससे केस में काफी विसंगतियां दिखीं। कोर्ट ने साफ कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिले। इसी आधार पर अनिल परब, सरपंच सुरेश शंकर टुपे, ग्रामसेवक अनंत ज्ञानदेव कोली, सर्कल ऑफिसर सुधीर शांतराम परदुले और एसडीओ जयराम विनायक देशपांडे को बरी कर दिया गया।
कौन-कौन सी एजेंसियां कर रही थीं जांच
इस रिसॉर्ट मामले की जांच केवल एक एजेंसी नहीं, बल्कि कई विभागों ने की थी। Anti-Corruption Bureau (ACB) के साथ-साथ Enforcement Directorate (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच की थी। इसके अलावा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भी इस मामले में अपनी भूमिका निभाई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अनिल परब को किस मामले में बरी किया गया है?
अनिल परब को रत्नागिरी के दापोली में ‘Sai Resort NX’ के अवैध निर्माण और टैक्स गड़बड़ी के मामले में बरी किया गया है।
यह केस किसने दर्ज कराया था और कब?
यह शिकायत पूर्व BJP सांसद किरीट सोमैया ने साल 2021 में दर्ज कराई थी।