Finance: अमेज़न इंडिया अपने ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म ‘अमेज़न फ्रेश’ को देश के बड़े शहरों में बंद करने पर विचार कर रहा है। यूबीएस (UBS) की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कंपनी अब ‘क्विक कॉमर्स’ यान
Finance: अमेज़न इंडिया अपने ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म ‘अमेज़न फ्रेश’ को देश के बड़े शहरों में बंद करने पर विचार कर रहा है। यूबीएस (UBS) की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कंपनी अब ‘क्विक कॉमर्स’ यानी बहुत तेज़ डिलीवरी वाले मॉडल पर फोकस करना चाहती है। जेप्टो और ब्लिंकिट जैसी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अमेज़न अपने बिजनेस में यह बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है।
अमेज़न फ्रेश के बंद होने की मुख्य वजह क्या है?
यूबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक बाज़ार में अब 10 से 20 मिनट वाली डिलीवरी की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। अमेज़न फ्रेश का मॉडल अभी स्लॉट आधारित डिलीवरी पर चलता है जिसमें थोड़ा अधिक समय लगता है। बड़े शहरों में रहने वाले लोग अब इंतज़ार करने के बजाय तुरंत डिलीवरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी वजह से कंपनी अपनी पुरानी सर्विस को समेटकर नए सिस्टम पर काम कर सकती है।
किन शहरों पर पड़ेगा इसका असर?
यह बदलाव मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े मेट्रो शहरों में देखा जा सकता है। इन शहरों में क्विक कॉमर्स का बाज़ार बहुत तेज़ी से फैल रहा है। कंपनी का उद्देश्य अब ग्राहकों को कम समय में सामान पहुँचाना है।
| शहर |
संभावित बदलाव |
| दिल्ली-एनसीआर |
क्विक कॉमर्स का विस्तार |
| मुंबई |
सर्विस मॉडल में बदलाव |
| बेंगलुरु |
नया डिलीवरी सिस्टम |
अभी तक अमेज़न की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है लेकिन रिपोर्ट बताती है कि कंपनी अपने ऑपरेशन को सुधारने के लिए यह कदम उठा सकती है। ग्राहकों के लिए आने वाले समय में डिलीवरी का अनुभव बदल सकता है।
दिया हुआ जानकारी बस Expert की राय है, शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।, Disclaimer: Stock market investments can be risky, please consult your financial advisor.