Delhi: शार्क टैंक इंडिया के जज और boAt लाइफस्टाइल के सह-संस्थापक अमन गुप्ता ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (personality rights) की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को याच
Delhi: शार्क टैंक इंडिया के जज और boAt लाइफस्टाइल के सह-संस्थापक अमन गुप्ता ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (personality rights) की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को याचिका दायर कर मांग की कि उनकी पहचान, आवाज और छवि का गलत इस्तेमाल रोका जाए। यह मामला उन अज्ञात लोगों के खिलाफ है जो बिना अनुमति के उनके नाम और चेहरे का उपयोग कर रहे हैं।
अमन गुप्ता ने कोर्ट से क्या मांग की है?
अमन गुप्ता ने सीनियर एडवोकेट दिया कपूर और एडवोकेट नकुल गांधी के जरिए यह याचिका दायर की है। उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि उनके नाम, आवाज, फोटो और AI से बनी सामग्री या डीपफेक का अनधिकृत उपयोग बंद किया जाए। याचिका में ‘जॉन डो और अन्य’ को प्रतिवादी बनाया गया है, क्योंकि उन संस्थाओं या लोगों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है जो उनके व्यक्तित्व का दुरुपयोग कर व्यावसायिक लाभ कमा रहे हैं।
कोर्ट में अब आगे क्या होगा?
इस मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने खुद को इस केस से अलग कर लिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई 2026 को जस्टिस तुषार राव गेडेला की कोर्ट में होगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले भी अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर और रजनीकांत जैसी बड़ी हस्तियों को ऐसे ही अधिकार दिए हैं ताकि कोई उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल न कर सके।
पर्सनालिटी राइट्स क्या होते हैं और यह क्यों जरूरी हैं?
अदालत के अनुसार, प्रचार का अधिकार किसी व्यक्ति को उसकी पहचान के गलत इस्तेमाल से बचाता है। इससे कोई दूसरा व्यक्ति किसी मशहूर हस्ती की छवि का उपयोग करके गलत तरीके से पैसा नहीं कमा सकता। हाल ही में कोर्ट ने लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका के पक्ष में भी ऐसा ही फैसला सुनाया था, जिसमें AI और चैटबॉट के जरिए उनके नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमन गुप्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
अमन गुप्ता ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (personality rights) की सुरक्षा के लिए याचिका दायर की है ताकि AI, डीपफेक और उनकी आवाज या छवि का बिना अनुमति के व्यावसायिक उपयोग रोका जा सके।
इस मामले की अगली सुनवाई कब और किसके सामने होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई 2026 को जस्टिस तुषार राव गेडेला के समक्ष निर्धारित की गई है।