UP: लखनऊ में आयोजित ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने कई बड़े बयान दिए। उन्होंने अपनी पसंद और विरोधियों के नजरिए पर बात करते हुए कहा कि उन्हें मुगल-ए-आज
UP: लखनऊ में आयोजित ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने कई बड़े बयान दिए। उन्होंने अपनी पसंद और विरोधियों के नजरिए पर बात करते हुए कहा कि उन्हें मुगल-ए-आजम पसंद है और इसी बात से उनके विरोधी परेशान रहते हैं। इस कार्यक्रम में उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति और आगामी चुनावों को लेकर अपनी राय रखी।
नमाज और PDA को लेकर क्या बोले अखिलेश यादव?
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नमाज वाले बयान पर पलटवार करते हुए Akhilesh Yadav ने कहा कि अगर जगह की कमी की वजह से कोई सड़क पर नमाज पढ़ रहा है, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने PDA का नया मतलब बताते हुए कहा कि BJP के लिए ‘पी’ का मतलब पार्टी है, लेकिन उनके लिए ‘पी’ का मतलब पीड़ित लोग हैं।
विपक्ष के 10 चेहरे और 2027 के चुनाव की तैयारी
अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष के लिए किसी एक चेहरे की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्होंने 10 मुख्य मुद्दों और समूहों को विपक्ष का चेहरा बताया। इनमें महंगाई, NEET परीक्षा देने वाले छात्र, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें, अग्निवीर सैनिक, पुलिस कार्रवाई झेलने वाले मजदूर, 69,000 भर्ती मामले के प्रभावित लोग, शिक्षा मित्र और अन्याय सहने वाले लोग शामिल हैं।
Congress के साथ गठबंधन पर क्या है स्थिति?
2027 के विधानसभा चुनाव के लिए Congress के साथ गठबंधन के सवाल पर अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने याद दिलाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर मुकाबला किया था। इस गठबंधन को उत्तर प्रदेश में अच्छी सफलता मिली थी, जहां सपा ने 37 और कांग्रेस ने 80 में से 6 सीटें जीती थीं, जिससे कुल 43 सीटें इस गठबंधन के खाते में आईं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अखिलेश यादव ने विपक्ष के 10 चेहरे किन्हें बताया है?
अखिलेश यादव ने महंगाई, NEET छात्र, अग्निवीर, शिक्षा मित्र, 69,000 भर्ती के अभ्यर्थी और अन्याय झेल रहे पीड़ित लोगों को विपक्ष का चेहरा बताया है।
अखिलेश यादव ने PDA का क्या मतलब बताया?
उन्होंने कहा कि BJP के लिए PDA में ‘पी’ का मतलब पार्टी है, जबकि उनके लिए ‘पी’ का मतलब पीड़ित लोग हैं जिन्हें वह प्रतिनिधित्व देते हैं।