Delhi, Punjab, Haryana : उत्तर भारत में पराली जलाने और बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। AIIMS के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्रदूषण की वजह से भारतीयों में हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) का
Delhi, Punjab, Haryana : उत्तर भारत में पराली जलाने और बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। AIIMS के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्रदूषण की वजह से भारतीयों में हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) का खतरा काफी बढ़ गया है। यह समस्या अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ रही है।
प्रदूषण और हाई बीपी का क्या है कनेक्शन?
AIIMS और IIT Delhi के अध्ययन के मुताबिक, जिन इलाकों में पराली जलाने से ज्यादा प्रदूषण होता है, वहां हाई बीपी के मरीजों की संख्या करीब 15% ज्यादा पाई गई है। एक्सपर्ट डॉ. अंबुज रॉय ने बताया कि हवा में PM2.5 के स्तर में हर 10 माइक्रोग्राम की बढ़ोतरी से बीपी बढ़ने का खतरा 5% तक बढ़ जाता है। भारत में लगभग 30 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर के साथ जी रहे हैं, जो टीबी जैसी बीमारियों से कई गुना ज्यादा जानलेवा साबित हो रहा है।
बीपी बढ़ने के मुख्य कारण और लक्षण क्या हैं?
डॉक्टरों के अनुसार, खराब खान-पान, मोटापा, शारीरिक मेहनत की कमी, तनाव और नींद न आना बीपी बढ़ने के बड़े कारण हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि हाई बीपी के अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते, इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। ICMR की रिपोर्ट बताती है कि शहरों में हर तीन में से एक और गांवों में हर चार में से एक वयस्क इस बीमारी से जूझ रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि 25 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को साल में कम से कम एक बार बीपी जरूर चेक कराना चाहिए।
सरकार पराली रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?
CAQM ने पंजाब, हरियाणा और यूपी सरकार को पराली रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने किसानों को पराली प्रबंधन की मशीनें खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी है, जिसमें व्यक्तिगत किसानों को 50% और सहकारी समितियों को 80% सब्सिडी मिलती है। मार्च 2026 तक केंद्र सरकार ने इस काम के लिए 4,237.47 करोड़ रुपये जारी किए हैं। साथ ही, दिल्ली के 300 किलोमीटर दायरे में आने वाले बिजली प्लांटों को कोयले के साथ बायोमास पेलेट्स का इस्तेमाल करने का आदेश दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाई बीपी की जांच कब और कैसे करानी चाहिए?
डॉ. अंबुज रॉय के अनुसार, हाई बीपी के लक्षण नहीं दिखते, इसलिए 25 साल से अधिक उम्र के सभी वयस्कों को साल में कम से कम एक बार नियमित स्क्रीनिंग करानी चाहिए।
गर्मी और हीटवेव का बीपी के मरीजों पर क्या असर होता है?
AIIMS के डॉ. नीरज निश्चल ने बताया है कि हीटवेव के दौरान शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने से ब्लड प्रेशर से जुड़ी जटिलताएं और बढ़ सकती हैं, इसलिए हाइड्रेटेड रहना जरूरी है।