Education : अब स्कूलों में सिर्फ किताबों को रटने से काम नहीं चलेगा। LG मनोज सिन्हा ने कहा है कि AI के दौर में बच्चों के लिए लॉजिकल थिंकिंग यानी तार्किक सोच सबसे जरूरी है। सरकार अब शिक्षा व्यवस्था को ऐसा बना रही है जिससे
Education : अब स्कूलों में सिर्फ किताबों को रटने से काम नहीं चलेगा। LG मनोज सिन्हा ने कहा है कि AI के दौर में बच्चों के लिए लॉजिकल थिंकिंग यानी तार्किक सोच सबसे जरूरी है। सरकार अब शिक्षा व्यवस्था को ऐसा बना रही है जिससे बच्चे सिर्फ पढ़ाई न करें बल्कि नई चीजें बनाना सीखें, ताकि 2047 तक भारत एक विकसित देश बन सके।
कक्षा 3 से AI की पढ़ाई और नए नियम क्या हैं?
केंद्र सरकार ने शिक्षा के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। अब कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए Computational Thinking और Artificial Intelligence का नया सिलेबस लागू होगा। यह नियम 2026-27 के सेशन से शुरू होगा। इसका मकसद बच्चों में शुरू से ही समस्या सुलझाने और पैटर्न पहचानने की क्षमता विकसित करना है।
AI के लिए सरकार ने क्या खास तैयारी की है?
सरकार ने AI को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
| योजना/बजट |
मुख्य विवरण |
| IndiaAI Mission |
5 साल के लिए ₹10,371.92 करोड़ का बजट |
| Education Budget 2026-27 |
शिक्षा बजट में 8.27% की बढ़ोतरी |
| AI Centre of Excellence |
शिक्षा के लिए AI सेंटर हेतु ₹100 करोड़ का प्रावधान |
| NEP 2020 |
मल्टीडिसीप्लिनरी एजुकेशन और डेटा साइंस पर जोर |
टीचर्स की जगह लेगा AI या बनेगा मददगार?
LG मनोज सिन्हा ने साफ किया है कि AI शिक्षकों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनकी मदद करेगा। उन्होंने AI-supported क्लासरूम की बात की है जहाँ तकनीक टीचर के लिए एक टूल की तरह काम करे। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि तकनीक का इस्तेमाल नैतिकता के साथ होना चाहिए, ताकि बच्चों का डेटा सुरक्षित रहे और वे जिम्मेदार नागरिक बनें।