Bihar: खगड़िया और भागलपुर को जोड़ने वाला अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु अब तेजी से आकार ले रहा है। इस पुल के बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को आने-जाने में काफी आसानी होगी। सरकार ने इसे
Bihar: खगड़िया और भागलपुर को जोड़ने वाला अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु अब तेजी से आकार ले रहा है। इस पुल के बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को आने-जाने में काफी आसानी होगी। सरकार ने इसे नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।
पुल निर्माण की वर्तमान स्थिति और समय सीमा क्या है?
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने परियोजना की समीक्षा की है और निर्देश दिया है कि पुल का काम नवंबर 2027 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। एप्रोच पथ का काम अंतिम चरण में है जिसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। पिलर संख्या 10 से 12 के बीच निर्माण के लिए फरडैम तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका नया लक्ष्य मई 2027 तय किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम खत्म करने को कहा है।
पुल के डिजाइन और निर्माण में क्या बदलाव किए गए हैं?
पुल के कुछ हिस्से पहले गिर चुके थे, जिसके बाद आईआईटी रुड़की ने एक खंड के लिए नया डिजाइन दिया है। पिलर संख्या 9 से 13 के बीच ढहे हुए हिस्से के लिए अब कंपोजिट स्टील बीम-कंक्रीट डेक और केबल स्टे निर्माण की मंजूरी मिली है। इसके अलावा, सुल्तानगंज की तरफ पाया संख्या 2 से 5 के बीच तीन अतिरिक्त पिलर बनाए जाएंगे। पसराहा रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) के डिजाइन को भी 10 अप्रैल 2026 को मंजूरी मिल चुकी है।
इस महासेतु की खासियत और लागत कितनी है?
यह एक चार लेन वाला केबल-स्टेयड पुल है जिसकी कुल लंबाई 3.160 किलोमीटर है। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 1,710 करोड़ रुपये है। पुल के साथ-साथ सुल्तानगंज की ओर 4 किलोमीटर और अगुवानी घाट की ओर 20 किलोमीटर के एप्रोच रोड बनाए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में यात्रियों के लिए एक डॉल्फ़िन व्यूप्वाइंट और टोल प्लाजा की सुविधा भी शामिल होगी। इसका निर्माण एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु कब तक बनकर तैयार होगा?
मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, इस महासेतु को नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि एप्रोच पथ का काम जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
पुल के निर्माण में अब तक कौन सी बड़ी चुनौतियां आईं?
इस प्रोजेक्ट को भूमि अधिग्रहण, बाढ़, कोरोना लॉकडाउन और बार-बार संरचना गिरने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। अप्रैल 2022, जून 2023 और अगस्त 2024 में पुल के अलग-अलग हिस्से गिरे थे।