Agra के 12 दवा बाजारों में छापेमारी, करोड़ों की एक्सपायर्ड दवाएं सीज; व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
Agra: औषधि विभाग की एक विशेष टीम ने आगरा के दवा बाजारों में बड़ी कार्रवाई की है। FSDA कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में टीम ने फव्वारा समेत 12 बाजारों में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की सैंपल और एक्सपायर्ड दवाएं जब्त की
Agra: औषधि विभाग की एक विशेष टीम ने आगरा के दवा बाजारों में बड़ी कार्रवाई की है। FSDA कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में टीम ने फव्वारा समेत 12 बाजारों में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की सैंपल और एक्सपायर्ड दवाएं जब्त की हैं। इस कार्रवाई के बाद दवा व्यापारियों में भारी गुस्सा देखा गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।
यह छापेमारी शुक्रवार 12 जून से शुरू हुई और 15 जून 2026 तक चली। टीम ने जैन कॉम्प्लेक्स, माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स, बोरे रामगोपाल मार्केट, मुबारक महल, नवाबिया मार्केट और कममू टोला जैसे प्रमुख इलाकों में जांच की। अधिकारियों ने करीब 20 फर्मों और गोदामों की जांच की, जिनमें से 12 बंद मिले। इन बंद गोदामों के ताले तोड़कर जब जांच की गई, तो वहां बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड और सैंपल दवाएं मिलीं, जिन्हें गैलरी में फेंका गया था।
जांच में यह बात सामने आई कि कुछ दवाओं पर लगे ‘Not for Sale’ और एक्सपायरी डेट के निशान केमिकल से मिटाकर नए दाम और तारीखें छापी गई थीं। जब्त दवाओं में एंटीबायोटिक्स, पेट, सांस और त्वचा की बीमारियों की दवाएं और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स शामिल हैं। विभाग ने सबूत जुटाने के लिए दुकानों और आसपास के इलाकों से CCTV कैमरे और DVR भी जब्त किए हैं। डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि दवाओं के नमूने लैब भेजे गए हैं और पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।
इस कार्रवाई के दौरान व्यापारियों का विभाग से टकराव भी हुआ। जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अगर इतनी अवैध गतिविधियां चल रही थीं, तो स्थानीय विभाग अब तक चुप क्यों था।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच दो व्यापारियों की मौत की खबर से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। रीचा मेडिकल एजेंसी के मालिक प्रेम जेस्वानी और लवकुश मेडिकल स्टोर के मालिक कमल कुमार की मौत के बाद आगरा फार्मा एसोसिएशन ने शोक सभा आयोजित की। बताया गया कि प्रेम जेस्वानी विभागीय कार्रवाई के बाद डिप्रेशन में थे, जबकि कमल कुमार को दिल का दौरा पड़ा था।
अब औषधि विभाग इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। शुरुआती जांच में इन दवाओं की सप्लाई दिल्ली और जयपुर से होने के संकेत मिले हैं, जिसके लिए जल्द ही वहां भी टीमें भेजी जाएंगी।