Malaria के इलाज में बड़ी कामयाबी, Abu Dhabi के वैज्ञानिकों ने खोजा परजीवी की कमजोरी
World: Abu Dhabi के New York University Abu Dhabi (NYUAD) के वैज्ञानिकों ने मलेरिया के खिलाफ जंग में एक बड़ी सफलता हासिल की है। रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने मलेरिया परजीवी (parasite) की एक ऐसी कमजोरी पकड़ी है जिसके बार
World: Abu Dhabi के New York University Abu Dhabi (NYUAD) के वैज्ञानिकों ने मलेरिया के खिलाफ जंग में एक बड़ी सफलता हासिल की है। रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने मलेरिया परजीवी (parasite) की एक ऐसी कमजोरी पकड़ी है जिसके बारे में पहले किसी को पता नहीं था। यह खोज भविष्य में इस जानलेवा बीमारी के इलाज के लिए नए रास्ते खोल सकती है।
यह पूरी स्टडी 23 जुलाई 2026 को ‘Genome Biology’ नाम के जर्नल में छपी। NYUAD के बायोलॉजी एसोसिएट प्रोफेसर Youssef Idaghdour, जो इस स्टडी के सीनियर लेखक हैं, ने बताया कि मलेरिया हर साल लाखों लोगों की जान लेता है। उन्होंने कहा कि मलेरिया का परजीवी अपने पोषण के लिए बहुत चूजी होता है और यह केवल खून में मौजूद खास तरह के फैट्स (linoleic acid) पर निर्भर करता है। अगर इस पोषण चक्र को रोका जा सके, तो बीमारी का इलाज आसान हो जाएगा।
इस रिसर्च के लिए Burkina Faso के बच्चों के ब्लड सैंपल का इस्तेमाल किया गया, जिसमें यह बात सामने आई कि अलग-अलग नस्ल और संस्कृति के लोगों में भी परजीवी का काम करने का तरीका एक जैसा ही था।
मलेरिया को खत्म करने के लिए UAE सरकार काफी समय से कोशिशें कर रही है। WHO ने 2007 में ही UAE को मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया था और 1997 के बाद से वहां कोई स्थानीय मामला नहीं मिला है। इसके अलावा, UAE ने 2023 में जलवायु परिवर्तन के असर से मलेरिया को रोकने के लिए 5 मिलियन डॉलर का दान भी दिया था।
मलेरिया की वैश्विक स्थिति को देखते हुए WHO ने बताया कि 2024 में दुनिया के 80 देशों में करीब 282 मिलियन मामले सामने आए और 6.10 लाख लोगों की मौत हुई, जिनमें से 95% मामले अकेले अफ्रीका में थे। इसे कंट्रोल करने के लिए UAE और WHO ने मिलकर 18 देशों के लिए एक रीजनल डेटाबेस भी शुरू किया है ताकि संसाधनों का सही इस्तेमाल हो सके और जोखिम का सही अंदाजा लगाया जा सके।