Maharashtra: शिव सेना (UBT) के MLA Aaditya Thackeray ने केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने शनिवार को कहा कि यह बिल संविधान में बदलाव कर सत्ताधारी दल को राजनीतिक लाभ पहुँचाने
Maharashtra: शिव सेना (UBT) के MLA Aaditya Thackeray ने केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने शनिवार को कहा कि यह बिल संविधान में बदलाव कर सत्ताधारी दल को राजनीतिक लाभ पहुँचाने और अनुचित जीत सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था। आदित्य ठाकरे का मानना है कि इसके जरिए सीटों की संख्या बढ़ाकर और निर्वाचन क्षेत्रों में हेरफेर कर राज्यों की आवाज को कम करने की कोशिश की गई है।
Delimitation Bill को लेकर क्या था विवाद
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का निर्धारण करना चाहा, जिससे दक्षिण भारतीय राज्यों का राजनीतिक प्रभाव कम हो जाता। Aaditya Thackeray और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि महिलाओं के आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना गलत था। उनका तर्क है कि 2023 में पारित Women’s Reservation Bill को मौजूदा लोकसभा सीटों पर ही तुरंत लागू किया जाना चाहिए था, न कि इसे 2029 के चुनावों और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा जाना चाहिए था।
लोकसभा में बिल की स्थिति और परिणाम
17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में Constitution (131st Amendment) Bill, 2026 पेश किया गया था, लेकिन यह गिर गया। इस बिल को पास होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन इसे केवल 298 वोट मिले जबकि 230 सदस्यों ने विरोध किया। इस हार के बाद सरकार ने Delimitation Bill, 2026 और Union Territories Laws (Amendment) Bill, 2026 को भी वापस ले लिया।
प्रमुख प्रस्ताव और विपक्षी आपत्तियां
- सीटों में बढ़ोतरी: सरकार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करना चाहती थी।
- जनगणना का आधार: परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना का उपयोग करने का प्रस्ताव था।
- न्यायिक चुनौती: नए Delimitation Bill के तहत आयोग के आदेशों को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती थी।
- विपक्ष का स्टैंड: Rahul Gandhi और M.K. Stalin ने इसे लोकतंत्र और संघवाद (Federalism) पर हमला बताया।