• अंकिता और मनीष ने बिना दान-दहेज के प्रेम विवाह किया
  • दोनों दो साल से करते थे प्रेम, लड़कीवाले शादी को तैयार नहीं थे

 

भागलपुर.  काजीचक रोड निवासी अंकिता उर्फ मोनू और जरलाही निवासी मनीष कुमार यादव ने बुधवार रात को जरलाही काली मंदिर में बिना दान-दहेज का अंतरजातीय प्रेम विवाह कर लिया। दोनों में पिछले दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।

घर में कैद थी अंकिता
शादी के लिए दोनों कई बार डीआईजी के यहां आवेदन भी दे चुके थे। लेकिन लड़की के घरवाले शादी को राजी नहीं थे। क्योंकि दोनों अलग-अलग जाति से आते हैं। लड़की पंसारी है तो लड़का यादव। लड़का-लड़की दोनों बालिग है और बुधवार को शादी करने की दोनों ने ठान लिया था। लेकिन लड़की के घर वालों ने कथित तौर अंकिता को घर में कैद कर लिया था।

 

लड़के ने दी आत्महत्या की धमकी
इस बात की जानकारी मिलने पर मनीष अपने रिश्तेदार, दोस्तों के साथ लड़की के दरवाजे पर पहुंचा और अंकिता को शादी के लिए ले जाने लगा। तब लड़की वालों ने विरोध कर दिया। यह देख मनीष ने धमकी दी कि अगर उसकी शादी अंकिता से नहीं हुई तो वे दोनों वही चौखट पर आत्महत्या कर लेंगे। अंकिता से नहीं मिले देने पर मनीष लड़की के घर के बाहर हंगामा करने लगा।

 

पुलिस ने कराया समझौता
मामले की जानकारी पाकर मोजाहिदपुर इंस्पेक्टर अमर विश्वास मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वार्ड पार्षद सदानंद मोदी मोदी को बुलाकर दोनों पक्षों में समझौता कराने की बात कही। वार्ड पार्षद ने दोनों पक्षों के परिजन और मोहल्ले के बुद्धिजीवियों के साथ बैठकर समझौता कराया। इसके बाद लड़का-लड़की को खुद ले जाकर जरलाही काली मंदिर में शादी करा दी। वार्ड पार्षद, मोहल्ले के बुद्धिजीवी समेत कई लोग इस आदर्श शादी के गवाह बने। शादी के बाद लड़की खुशी-खुशी मनीष के साथ विदा हो गई।