Jul 5, 2018
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भागलपुर में ये फ़ोन नम्बर, कॉल-गर्ल, और facebook, नया कांड आया सामने

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भागलपुर नाथनगर थाना क्षेत्र में एक छात्रा का फर्जी अकाउंट बनाकर कॉलगर्ल बताते हुए अश्लील मैसेज करने का मामला सामने आया है। असामाजिक तत्वों ने छात्रा का तीन बार फर्जी अकाउंट बनाया और उसके प्रोफाइल पिक्चर को डालकर छात्रा को कॉलगर्ल बताया है। एकाउंट के प्रोफाइल के भीतर कई पोर्न स्टार की आपत्तिजनक फोटो डालकर उसे सेक्स वर्कर बताया गया है। इसका खुलासा तब हुआ, जब एक जुलाई को असामाजिक तत्वों ने छात्रा का फर्जी फेसबुक अकाउंट उसके असली फेसबुक एकाउंट से टैग कर दिया। छात्रा की असली फेसबुक अकाउंट से जुड़े दोस्तों ने छात्रा को जानकारी दी।

इसके बाद पीड़ित छात्रा बुधवार को अपने पिता के साथ नाथनगर थाने पहुंची, जहां उसने साइबर सेल और थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और पूरे घटना क्रम की जानकारी दी। नाथनगर प्रभारी इंस्पेक्टर ने बताया कि तहकीकात के लिए इस मामले को टेक्निकल सेल में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पर करवाई की जाएगी। पीड़ित छात्रा कोलकाता में रहकर पढ़ाई करती है और उसके माता-पिता नाथनगर थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहते हैं। पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया कि है उसका एग्जाम नजदीक है और इस घटना से वह पूरी तरह से मेंटली डिस्टर्ब है। छात्रा ने दोषी पर कार्रवाई करने की मांग की है।


 

छात्रा ने कहा- दो बार फेसबुक कंपनी को मेल कर अकाउंट ब्लॉक करवाया तो तीसरी बार बना दिया

पुलिस को दिए गए आवेदन में छात्रा ने इस बात का उल्लेख किया हैकि उसके असली फेसबुक अकाउंट से जुड़े दोस्तों से उसे एक जुलाई को फर्जी फेसबुक अकाउंट की जानकारी मिली। इसके बाद उसने फेसबुक कंपनी में मेल कर एकाउंट को ब्लॉक कराया। फिर उसी दिन दोबारा उसके नाम से अकाउंट बनाया गया और अश्लील मैसेज कर उसे परेशान किया गया। तब फिर उसने फेसबुक कंपनी को रिपोर्ट कर ब्लॉक करवाया। असमाजिक तत्वों ने तीसरी बार 2 जुलाई को उसके नाम से फिर फर्जी अश्लील फेसबुक अकाउंट बना उसे परेशान करने लगे।

 

तीसरी बार बनाए गए फर्जी अकाउंट में एक मोबाइल नंबर 9534353150 को मेंशन किया गया। परिजनों ने जब उक्त मोबाइल नंबर पर बात की तो वह नंबर पड़ोस की एक महिला का निकला। जब उस महिला से बात की गई तो उसने बताया कि उक्त नंबर सिर्फ उसकी बेटी और मकान मालकिन के पास है। पड़ोसी महिला ने जब इस बाबत अपनी बेटी से बात की तो उसने ऐसी किसी घटना से साफ इंकार कर दिया। छात्रा ने इस बात का भी उल्लेख किया हैकि सोशल मीडिया पर एकाउंट तभी बनता है, जब कोई मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी होती है।

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Crime